Sunday, May 9, 2010

मदर्स डे पर टीवी आपको ये नहीं बताएगा !


आज मदर्स डे पर अख़बारों और टीवी के मां पर उड़लते प्यार से इतर कुछ आंकड़े देख लेते हैं। हो सकता है थोड़ा डर लगे...हो सकता है ये भी लगे कि ये तो कहीं दिखाया नहीं गया आज...दरअसल अख़बार और टीवी आपका मूड ख़राब करना नहीं चाहते थे..इसलिए ऐसा नहीं किया !
हमारे यहां एक लाख प्रसवों के दौरान 254 महिलाएं दम तोड़ देती हैं। यानी साल में 65 हज़ार महिलाएं और हरेक आठ मिनट में एक। देश की 56 फ़ीसदी महिलाएं एनीमिया से पीड़ित हैं...तकरीबन 33 फ़ीसदी कुपोषण का शिकार।
और करोड़ों ऐसी जिन्हें पति और बच्चे समान रूप से दुत्कारते हैं।
माफ़ करना...टीवी पर दिन भर मां का लाड़ला, मेरे पास मां है और कैलाश खेर की आवाज़ में मम्मा सुनने के बाद इस 'ख़ास' दिन के ख़त्म होते होते आपका मूड ख़राब कर दिया।

2 comments:

आपकी टिप्पणी से ये जानने में सहूलियत होगी कि जो लिखा गया वो कहां सही है और कहां ग़लत। इसी बहाने कोई नया फ़लसफ़ा, कोई नई बात निकल जाए तो क्या कहने !