Wednesday, June 9, 2010

पाठ संख्या-6 भारत एक क्रिकेट प्रधान देश है !

बचपन की स्कूली पढ़ाई ने यूं तो कई तरह से बेवकूफ़ बनाया लेकिन एक बात जो भुलाए नहीं भूलती वो है हर क्लास में न जाने किन किन किताबों के किन किन पन्नों पर चस्पा- भारत एक कृषि प्रधान देश है बचपन में इम्तेहान की कई कॉपियों पर कई निबंधों की शुरुआत भी इसी तरह की होगी, ऐसी मुझे पूरी उम्मीद है। वो तो बड़े होकर जब विदर्भ के किसानों और पूरे देश में कई स्तरों पर फैली भुखमरी की तस्वीर से रु-ब-रु हुआ तो पता लगा कि भइया अपन को तो बचपन में जमके बेवकूफ़ बनाया गया।
तो अब सवाल ये कि अगर भारत कृषि प्रधान नहीं तो क्या प्रधान है। भारत में तीन धर्मों के बारे में बात की जाती है- राजनीति, बॉलीवुड और क्रिकेट। लेकिन इनमें भी सबसे ज़्यादा अनुयायी क्रिकेट के हैं। जब खेल में खेल और राजनीति दोनों के मज़े मिल रहे हों तो क्यूं न कोई इस धर्म को अपनाए। बचा, बॉलीवुड तो वो तो बेचारा इतना डरता है इस क्रिकेटिया बुख़ार से कि आईपीएल के दौरान नई फ़िल्में तक रिलीज़ नहीं कीं। तो साहब नतीजा ये है कि भारत एक क्रिकेट प्रधान देश है। शरद पवार नामक एक शख़्स भी कभी इसी स्कूली पढ़ाई के सताए हुए होंगे लेकिन जल्द संभल गए और उस पुराने जुमले को भूल कर नए को आत्मसात कर लिया। सो, क्रिकेट में उनका निवेश जारी है। जानते हैं, खेती की फ़सल तो कभी भी धोखा दे सकती है, लेकिन क्रिकेट की फ़सल में बस एक बार बीज डालो बाक़ी न खाद की फ़िक्र न कीटनाशकों की...खेत सोना उगलेगा।
कृषि मंत्री शायद इस बात को बख़ूबी जानते हैं कि देश उन्हें क्रिकेट मंत्री के तौर पर ज़्यादा देखता है। तभी तो वो हर वक़्त क्रिकेट से जुड़ी अपनी ज़िम्मेदारियां पूरी करते नज़र आते रहते हैं। और रहा सवाल आम देशवासियों के लिए प्रधानता का तो वो आप भारतीय टीम के मैच वाले दिन किसी भी नुक्कड़, पान की दुकान, टीवी शोरुम जैसी जगह के बाहर का नज़ारा देख कर समझ सकते हैं। अपने यहां, 50-60 करोड़ कोच तो हैं ही जो हमेशा सटीक तरह से बता सकते हैं कि फलाना बैट्समैन इस या उस ग़लती की वजह से आउट हो गया...उसे फलाने तरीक़े से शॉट खेलना चाहिए था। फिर मैच हारने पर पुतले जलाना...जीतने पर मंगल ग्रह पर तिरंगा फहराने वालों की तरह का भव्य स्वागत...ये सब उसी प्रधानता का सबूत है।
अब जल्द से जल्द कपिल सिब्बल को इस लेख का संज्ञान लेते हुए सभी बोर्ड्स को दिशा निर्देश जारी कर देने चाहिए किताबों में बदलाव के। हर किताब में साफ़ साफ़ लिखा हो- एक ज़माना था जब भारत एक कृषि प्रधान देश हुआ करता था, अब भारत एक क्रिकेट प्रधान देश है। Once upon a time, India used to be a farming nation, now its a Cricket Charming nation.

1 comment:

आपकी टिप्पणी से ये जानने में सहूलियत होगी कि जो लिखा गया वो कहां सही है और कहां ग़लत। इसी बहाने कोई नया फ़लसफ़ा, कोई नई बात निकल जाए तो क्या कहने !