Thursday, February 5, 2009

ख़ुशियों का रिटर्न

फ़रवरी शुरु होते ही दफ़्तरों में फ़ॉर्म 12, फ़ॉर्म 16 जैसे शब्द साल भर की गुमनामी के बाद फिर गूंजने लगे हैं। इन्कम टैक्स डेक्लेरेशन का सीज़न है। यार-दोस्त चाय की चुस्कियों के बीच नई पॉलिसी, म्युचुअल फंड, पीपीएफ़ पर चर्चा कर रहे हैं। कहां बचाएं, कितना बचाएं, रेट ऑफ़ रिटर्न क्या है? क्या आप 7200 रुपये ख़र्च करना चाहेंगे ? इस रकम को ख़र्च करके आपको ख़ुशियों का रिटर्न मिलेगा। कैसे ? वर्ल्ड विज़न नाम की एक संस्था है...क़रीब 100 देशों में काम करती है...बच्चों के लिए...बच्चे जिनके लिए ठीक-ठाक खुराक एक सपना है और शिक्षा एक क्रूर मज़ाक़ से ज़्यादा कुछ नहीं। ऐसे किसी एक बच्चे को चुनिए...उसे प्रायोजित करिए यानी उसकी ज़िंदगी की उन ज़िम्मेदारियों को साझा करिए जो उसका परिवार उठाने में अक्षम है। 600 रुपया महीना आपको उस बच्चे के नाम देने होंगे। ये यूं ही कोई अनाम, अंजान बच्चा नहीं होगा। उसकी एक शक्ल, एक नाम, एक पहचान है। आप चाहें तो उसे चिट्ठी लिख सकते हैं...उसके घर जाकर उसे मिल सकते हैं। इस रकम के अलावा उसे कुछ और देना चाहें तो वो भी दे सकते हैं। साल दर साल आप उसकी ज़िंदगी के उस हिस्से को संवारने में मदद कर सकते हैं जहां उसे पढ़ते-बढ़ते देखना आपकी ज़िंदगी का सबसे ख़ूबसूरत एहसास बन जाएगा...(आपकी ज़िंदगी का ? सोचा तो नहीं था कि इतना स्वार्थ भरा कुछ लिख जाएगा।) यक़ीन मानिए ये सरकार और समाज को कोसने से उम्दा काम है।
....वैसे कर में छूट 80जी के तहत मिल जाएगी !

1 comment:

  1. काम का लिंक दिया है आपने.....खोलकर देखती हूं।

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आपकी टिप्पणी से ये जानने में सहूलियत होगी कि जो लिखा गया वो कहां सही है और कहां ग़लत। इसी बहाने कोई नया फ़लसफ़ा, कोई नई बात निकल जाए तो क्या कहने !