Friday, February 27, 2009

आडवाणीजी,, मेरा पीछा करना छोड़ दीजिए !

अगर आप 1 घंटे की वेब-सर्फ़िंग में आठ-दस वेबसाइट पर भी गए होंगे तो आडवाणी जी से आपका सामना ज़रूर हुआ होगा। आजकल साहब का जलवा ही कुछ ऐसा है कि आप अगर इंटरनेट पर बैठे हैं तो उनसे बचकर नहीं निकल सकते। कभी वो भारत के मज़बूत, समृद्ध और सुरक्षित होने के सवालिया निशान के जवाब में ख़ुद की तस्वीर के साथ मौजूद हैं तो कहीं हिन्दुस्तान को दुनिया में ऊंचा क़द दिलाने के लिए प्रतिबद्ध नज़र आते हैं। आडवाणी फ़ॉर पीएम...जी हां, उनमें पीएम बनने की बाल सुलभ चंचलता और जोश का मेल आजकल ख़ूब दिखाई देता है। लेकिन मेरी परेशानी ये है कि मैं अब हर साइट पर उन्हें देख-देख के थक गया हूं। इधर मै किसी वेबसाइट पर पहुंचा और उधर आडवाणीजी पूरे बैनर के साथ मुझे बताने लगते हैं कि इस बार मैं भूल जाऊं कि प्रधानमंत्री उन्हें ही बनाना है। आडवाणी जी, मैं आपको भरोसा दिलाता हूं कि अब तक भारत के सभी नेट-नागरिक आपको और आपके संदेश को भरपूर देख चुके हैं इसलिए आप यहां होने वाले ख़र्चे का कहीं और बिना किसी हिचक के सदुपयोग कर सकते हैं।

2 comments:

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  2. सही कह रहे हो, आडवाणी जी भले ही हक़ीकत में पीएम न बन पाएं। लेकिन, वर्चुएल दुनिया में ये अपने आप को पीएम घोषित कर चुके हैं। दरअसल, ये ज़मीन पर हो रहे सियासती हक़ीकत से आंख चुराना है। एनडीए, बिखर चुकी है, और क्षेत्रीय पार्टिंयों ने भाजपा को बिल्कुल समेट सा दिया है। शायद इसलिए नेता जी विडियो गेम में ही राजा बनकर ख़ुश हैं...।

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आपकी टिप्पणी से ये जानने में सहूलियत होगी कि जो लिखा गया वो कहां सही है और कहां ग़लत। इसी बहाने कोई नया फ़लसफ़ा, कोई नई बात निकल जाए तो क्या कहने !